जो भी बुरा भला है अल्लाह जानता है
Lyrics: Akhtar
Singer: Jagjit Singh, Lata Mangeshkar
जो भी बुरा भला है अल्लाह जानता है,
बंदे के दिल में क्या है अल्लाह जानता है।
ये फर्श-ओ-अर्श क्या है अल्लाह जानता है,
पर्दों में क्या छिपा है अल्लाह जानता है।
जाकर जहाँ से कोई वापस नहीं है आता,
वो कौन सी जगह है अल्लाह जानता है
नेक़ी-बदी को अपने कितना ही तू छिपाए,
अल्लाह को पता है अल्लाह जानता है।
ये धूप-छाँव देखो ये सुबह-शाम देखो
सब क्यों ये हो रहा है अल्लाह जानता है।
क़िस्मत के नाम को तो सब जानते हैं लेकिन
क़िस्मत में क्या लिखा है अल्लाह जानता है।
–
अर्श = Roof
October 1, 2006 at 5:53 am
HI
In Second ashaar you heve written yeh farsh-O-varsh kya he
actually it is like this yeh farsh-O-arsh kya he
Regards
October 8, 2006 at 9:33 am
Thanks Dilshad. Have corrected it.