बिन बारिश बरसात न होगी

Lyricist: Khalid Mehmood Aarif
Singer: Ghulam Ali

बिन बारिश बरसात न होगी
रात गई तो रात न होगी।

राज़-ए-मोहब्बत तुम मत पूछो
मुझसे तो ये बात न होगी।

किससे दिल बहलाओगे तुम
जिस दम मेरी ज़ात न होगी।

अश्क भी अब ना क़ैद हुए हैं
शायद अब बरसात न होगी।

यूँ देखेंगे ‘आरिफ़’ उसको
बीच में अपनी ज़ात न होगी।

4 Responses to बिन बारिश बरसात न होगी

  1. eSwami says:

    बहुत बढिया!

    इस्वामी

  2. sachin says:

    i must sure
    dat instant of next “raat” there is “Baat” word will suitable

  3. महमूद जी आपकी यह कविता बहुत ही खूबसूरत है आपने बारिश और प्यार के पलों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से संजोया है जो की बहुत ही सराहनीय है अब आप शब्दनगरी पर ऐसी रचनाओं को लिख व पढ़ सकते हैं. . . . . . . . . .

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