बोल रहा था कल वो मुझसे हाथ में मेरा हाथ लिए

Lyricist: Qateel Shifai
Singer: Hussain Brothers

बोल रहा था कल वो मुझसे हाथ में मेरा हाथ लिए
चलते रहेंगे सुख-दुख के हम सारे मौसम साथ लिए।

उसने अपनी झोली से कल प्यार के हमको फूल दिए
लौट आए हैं दामन भर के उसकी ये सौग़ात लिए।

रंग डालो तन मन की बगिया, फ़ागुन बन कर आ जाओ
बरस पड़ो दिल के आँगन में रंगों की बरसात लिए।

हमने अपनी सारी शामें लिख दीं उनके नाम ‘क़तील’
उम्र का लमहा-लमहा बीता उनको अपने साथ लिए।

5 Responses to बोल रहा था कल वो मुझसे हाथ में मेरा हाथ लिए

  1. Dheeraj says:

    Bahot khub!!!!

  2. sachin khade says:

    vah! bahut khub

    09975031442

  3. mlsuthar says:

    very nice

  4. satyaprakash singh says:

    I like ghalib’ every poem n ghazal

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