आपको देख कर देखता रह गया

July 3, 2005

Lyricist: Aziz Qaisi
Singer: Jagjit Singh

आपको देख कर देखता रह गया
क्या कहूँ और कहने को क्या रह गया।

उनकी आँखों से कैसे छलकने लगा
मेरे होठों पे जो माजरा रह गया।

ऐसे बिछड़े सभी रात के मोड़ पर
आखिरी हमसफ़र रास्ता रह गया।

सोच कर आओ कू-ए-तमन्ना है ये
जानेमन जो यहाँ रह गया रह गया।


कू = Lane, Street