मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
Lyrics: Masroor Anwar
Singer: Mehdi Hasan
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला न सकोगे।
न जाने मुझे क्यों यक़ीं हो चला है
मेरे प्यार को तुम मिटा न सकोगे।
मेरी याद होगी जिधर जाओगे तुम
कभी नग़मा बन के, कभी बन के आँसू।
तड़पता मुझे हर तरफ पाओगे तुम।
शमा जो जलाई है मेरी वफ़ा ने
बुझाना भी चाहो बुझा न सकोगे।
कभी नाम बातों में आया जो मेरा
तो बेचैन हो-हो के दिल थाम लोगे।
निग़ाहों में छाएगा ग़म का अँधेरा।
किसी ने जो पूछा सबब आँसुओं का
बताना भी चाहो बता न सकोगे।
November 19, 2005 at 6:02 pm
शायर हैं मसरूर अनवर। यह गाना एक पाकिस्तानी फ़िल्म “दोराहा” से है।
और एक टाइपो - अन्तिम पंक्ति में बचा -> बता।
November 19, 2005 at 6:10 pm
Thanks! Corrected and updated.
November 19, 2005 at 7:20 pm
so you are listening to the best of mehdi hassan. good good.
November 20, 2005 at 4:01 pm
निग़ाहों -> निगाहों
June 30, 2006 at 7:49 pm
Kudos to u Jaya ! Great Job !
February 15, 2007 at 8:40 am
one of my fav. gazals
love it