ऐसा लगता ज़िन्दगी तुम हो
Lyricist: Bashir Badr
Singer: Chitra Singh
ऐसा लगता ज़िन्दगी तुम हो
अजनबी कैसे अजनबी तुम हो।
अब कोई आरज़ू नहीं बाकी
जुस्तजू मेरी आख़िरी तुम हो।
मैं ज़मीं पर घना अँधेरा हूँ
आसमानों की चाँदनी तुम हो।
दोस्तों से वफ़ा की उम्मीदें
किस ज़माने के आदमी तुम हो।
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जुस्तजू = Desire, Search, Enquiry
January 15, 2006 at 12:15 pm
ca cv byan